Sunday, September 25, 2011

विवादों की रानी

विवादों की रानी ,विवादों का राजा,और विवादों का राजकुमार कौन ???
आज कल जहा देखो वही पर कुछ न कुछ विवाद चलता ही रहता है 
पहले वाद फिर विवाद और उसके बाद कुछ लोग उसमे साधुवाद मिला देते है .
१.घर मैं घरेलु वाद विवाद .
२.आफिस मैं बास से विवाद .
३.बस मैं सीट का विवाद.
४.और ब्लागगिंग मैं बहुत कुछ वाद और विवाद चलता है 

यहाँ पर मैं विवाद है की कौन विवादों का राजा है और कौन विवादों की रानी है 
इसका खिताब किसके पास है...

जय बाबा बनारस...

Wednesday, September 21, 2011

अब वो दिन दूर नहीं जब आम जनता इन सबको घर से निकाल निकाल कर ...........


अब वो दिन दूर नहीं जब आम जनता इन सबको घर से निकाल निकाल कर ...........


३२ रूपये प्रतिदिन कमाने वाला व्यक्ति गरीब नहीं है...ये हरामखोर गरीबी मिटने की जगह गरीबो को ही मिटाने पर तुले है..तो आज से भारतवासियों के लिए ३२ रूपये रोज की अमीरी ...........


भारत देश के दो सरदारों का पागलपन पुरे देश ने आज देखा सुना ये दोनों सरदार ३२ रूपों मैं अपनी पगड़ी ही चमकदार कर के 

साफ़ करा ले यही बहुत है अब वो दिन दूर नहीं जब आम जनता इन सबको घर से निकाल निकाल कर ...........

जय बाबा बनारस.....

Thursday, September 15, 2011

सावन के अंधे को हरा ही हरा नज़र आता है

सावन के अंधे को हरा ही हरा नज़र आता है और कुछ नज़र ही नहीं आता है .
सावन मैं सब कुछ हरा ही हरा रहता है मौसम बहुत सुंदर रहता है 
सब लोग उस मौसम को पसंद करते है मगर कुछ लोग उस मैं कुछ न कुछ 
किन्तु परन्तु बता देते है किया किसी एक नजीर से पुरे के पुरे समाज की परिभासा नहीं लिखी जा सकती है.

शराबी को हर जगह शराबी मिल जाते है 
तसडी  को हर जगह तसडे मिल जाते है  उसी तरह बुरे करने वालो को हर किसी बात मैं 

हर किसी परंपरा  मैं कुछ न कुछ बुराई नज़र आ ही जाती है .....क्योकि उनका चस्मा उसी को देखता है .........

जय बाबा बनारस .....

Tuesday, September 13, 2011

हिंदी का अपमान सबसे जयादा कौन करता है

हिंदी आज हिंदी दिवस है हम सब हिंदी भाषी लोग है आज का दिन हिंदी भाषा के लिए एक पर्व की तरह मनाया जाता है और कुछ लोग इस पर्व को अपनी रोजी रोटी के लिए मानते है जैसे हम सब होली दीवाली ईद आदि मानते है उसी तरह कुछ लोग हिंदी दिवस मानते है ......

हिंदी भासा के लिए कुछ कटु सच्छाई....हिंदी का अपमान सबसे जयादा कौन करता है
 अब यह तो एक सवाल हो गया जो की बहुत ही कठिन है .....लकिन जवाब बहुत ही आसान है 
१.हिंदी भाषा का अपमान सबसे ज्यादा नेता लोग करते है जैसे मोनू ,प,दादा ,प,अम्बाराम और बहुत से लोग है जिनको हम और आप बहुत अच्छी तरह से आजकल अपने अपने बुद्धू बाक्स मैं देखते है...
२.हमारा अति पढ़ा लिखा समाज जिसको हम एलीट क्लास का मानते है ......
३.स्टार ड्रम फिल्म स्टार ,क्रिकेट स्टार,और भी बहुत से लोग है 
४.और कुछ हमारे सेकुलरवादी सोच के लोग 
इस तरह के लोग हिंदी को दोयम दर्जे का समझते है और बिना हिंदी भाषी के इनका कुछ काम नहीं होता है 
हो सकता है इस लेख से कुछ लोग सहमत न हो यह लेख उनके लिए नहीं है ...
हमारा एक सुझाव है जहा हिंदी से काम चल सकता है वह सौतन जरुरी है क्या........
जय बाबा बनारस .......

न अति बरखा न अति प्रीत .

न अति बरखा न अति प्रीत ....अति किसी की हो ठीक नहीं होती वह पठन हो या पाठन हो लिखी हो या घिसाई हो 
पता नहीं लोग अपने को क्या क्या समझते है कुछ समझ ही नहीं आता है ....

एक अति जरुरी जानकारी जब हमारी किसी से नई नई मित्रता होती है तब उसकी हमें हर बात अच्छी लगाती है 
लेकिन वही मित्र कुछ समय के बाद अच्छा नहीं लगता है जब वह आप की हर बात मैं कोइए न कोई कमी निकालने लगता है  वही मित्र दुश्मन की तरह लगता है ....

यही सब आजकल ब्लागजगत मैं चल रहा है .....
जय बाबा बनारस....

Sunday, September 4, 2011

श्री गुरवे नमः॥

गुरूर्ब्रह्मा,गुरूर्विष्णुः,गुरूर्देवो महेश्वरः गुरूर्साक्षात् परब्रह्म् तस्मै श्री गुरवे नमः॥ 
अखण्डमण्डलाकांरं व्याप्तं येन चराचरम् तत्विदं दर्शितं येन,तस्मै श्री गुरवे नमः॥


जय बाबा बनारस........

Saturday, August 27, 2011

जान दे दो जान

जान दे दो जान

. अन्ना जी ,काहे जान देने पर तुले है
 एक ठू सुजाव है सरकार को जन लोकपाल  बिल पास करने के लिए 
 कुछ छोटा मोटा नजराना दे दीजये न 
सरकार यही करना चाहती है यही सरकारों का काम है

जय बाबा बनारस.....