Tuesday, August 31, 2010

वो पास साईं गुजर गया मेरा हाल तक न पुच्छा

वो पास साईं गुजर गया मेरा हाल तक न पुच्छा अब संसद तक मैं हंगामा वाह रे खबर
सड़क पर इंसानियत शर्मसार होती रही। प्रसव पीड़ा से तड़पती मां की गुहार अनसुनी कर लोग कनॉट प्लेस की सड़क से गुजरते रहे। महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। अंत में कनॉट प्लेस में बुटीक चलाने वाली एक महिला उसकी मदद के लिए आगे आई। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की हालत बिगड़ चुकी थी, बच्ची तो बच गई, लेकिन 31 जुलाई को महिला की मौत हो गई। 26 जुलाई की सुबह साढ़े सात आठ बजे कनॉट प्लेस के शंकर मार्केट पर खूब चहल-पहल थी। लोग कार्यालयों के लिए बस आदि पकड़ने के लिए दौड़भाग कर रहे थे। इनमें पुरुष और महिलाएं भी शामिल थीं। इसी भागमभाग के बीच सड़क पर एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। वह हाथ उठाकर लोगों से अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगा रही थी। मगर वहां तमाशबीन तो बहुत थे मददगार कोई नहीं। महिला ने सड़क पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। मां बेहोश थी और उसके पास सड़क पर पड़ी नवजात बच्ची लगातार चीख रही थी। इसी बीच शंकर मार्केट में पाल साब के नाम से बुटीक चला रही रितु फ्रेडरिक को अन्नपूर्णा फूड कॉर्नर के मालिक इंद्रजीत ने इस वाकये के बारे में बताया तो वह बुटीक छोड़कर सीधे वहां पहंुचीं। पहले तो उन्हें तमाशबीनों पर गुस्सा आया और फिर उन्होंने बच्ची को उठा लिया। उन्होंने बच्ची को मां का दूध पिलवाया, लेकिन तब तक मां की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। जिसके कारण 31 जुलाई को मां की मौत हो गई। मरने से पहले महिला ने बच्ची को रितु को सौंपते हुए कहा था कि मै इस बच्चे को आपको देती हूं। फिलहाल यह बच्ची एक एनअीजो के पास है। रितु की मां शीला फ्रेडरिक कहती हंै कि हम उस बच्ची को अपनाना चाहते हैं, मगर एनजीओ के लोग उन्हें बच्ची देने को तैयार नहीं हैं। वे कहते हैं कि बच्ची उसे मिलेगी, जिसका नाम गोद लेने वालों की सूची में सबसे ऊपर है। यही सवाल रितु को कचोट रहा है। उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि उन्हें बच्ची से अलग किया जा रहा है। यह खबर बहुत कुछ कहती है चलो कुछ तो ख्याल आया ------------

Monday, August 30, 2010

कटही कुतिया और आज का समाज

कटही कुतिया और आज का समाज क्या बात है लोगो के पास इस तरह का बकवास के लिया बहुत वक़्त है दुनिया मैं क्या हो रहा है उनको इस से मतलब नहीं है,कौन कुत्ता है और कौन कुतिया है यह सब लोग जानता है हम लोग आदिवासी युग मैं नहीं जी रहा है यह सभ्या समाज की भाषा है कटही कुतिया इसका मतलब क्या है कोइए नहीं जानता है जो लोग कतई कुतिया के बार मैं जो कुछ जनता है कमेन्ट दे आखिर कटही कुतिया का मतलब क्या है --------------------

Sunday, August 29, 2010

आज की ताज़ा खबर वोह मरगयी सड़क पर

प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला, गुजरते रहे लोगनई दिल्ली, जागरण संवाददाता : राजधानी की सड़क पर इंसानियत शर्मसार होती रही। प्रसव पीड़ा से तड़पती मां की गुहार अनसुनी कर लोग कनॉट प्लेस की सड़क से गुजरते रहे। महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। अंत में कनॉट प्लेस में बुटीक चलाने वाली एक महिला उसकी मदद के लिए आगे आई। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की हालत बिगड़ चुकी थी, बच्ची तो बच गई, लेकिन 31 जुलाई को महिला की मौत हो गई। 26 जुलाई की सुबह साढ़े सात आठ बजे कनॉट प्लेस के शंकर मार्केट पर खूब चहल-पहल थी। लोग कार्यालयों के लिए बस आदि पकड़ने के लिए दौड़भाग कर रहे थे। इनमें पुरुष और महिलाएं भी शामिल थीं। इसी भागमभाग के बीच सड़क पर एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। वह हाथ उठाकर लोगों से अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगा रही थी। मगर वहां तमाशबीन तो बहुत थे मददगार कोई नहीं। महिला ने सड़क पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। मां बेहोश थी और उसके पास सड़क पर पड़ी नवजात बच्ची लगातार चीख रही थी। इसी बीच शंकर मार्केट में पाल साब के नाम से बुटीक चला रही रितु फ्रेडरिक को अन्नपूर्णा फूड कॉर्नर के मालिक इंद्रजीत ने इस वाकये के बारे में बताया तो वह बुटीक छोड़कर सीधे वहां पहंुचीं। पहले तो उन्हें तमाशबीनों पर गुस्सा आया और फिर उन्होंने बच्ची को उठा लिया। उन्होंने बच्ची को मां का दूध पिलवाया, लेकिन तब तक मां की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। जिसके कारण 31 जुलाई को मां की मौत हो गई। मरने से पहले महिला ने बच्ची को रितु को सौंपते हुए कहा था कि मै इस बच्चे को आपको देती हूं। फिलहाल यह बच्ची एक एनअीजो के पास है। रितु की मां शीला फ्रेडरिक कहती हंै कि हम उस बच्ची को अपनाना चाहते हैं, मगर एनजीओ के लोग उन्हें बच्ची देने को तैयार नहीं हैं। वे कहते हैं कि बच्ची उसे मिलेगी, जिसका नाम गोद लेने वालों की सूची में सबसे ऊपर है। यही सवाल रितु को कचोट रहा है। उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि उन्हें बच्ची से अलग किया जा रहा है। यह खबर बहुत कुछ कहती है

जलन ,वो तुझको देख के जलता है ---जलन

जलन ,जलन, जलन,तररकी का और जलन का आपस मैं बहुत ही आच्छा रिश्ता है जहा एक के पास प्रगति है वही दूसरा के पास जलन है सब एक दूसरा को देख कर जलन की भावना कियो रखते है .आज जो जलता है ,कल वो किसी को जलना चाहते है जलना ही जिंदगी है जलती ही जा रही है एक दूसरा को देख कर जलना नहीं -----------------------------////

Friday, August 27, 2010

क्या क्या याद राखु भाई - रामलाल मैं पागल न हो जाऊ

रामलाल क्या क्या याद राखु शादी की डेट ,बेटा, बेटी का जन्मदिन ,ईमेल का पासवर्ड,क्रेदितकार्ड का पिन , मोबाइल का सिम,बिजली के बिल की डेट ,कामनवेअल्थ गेम,इसका उसका किस किस का क्या क्या याद राखु,फ्लैट की किस्त,गाड़ी की किस्त,मैं पागल न हो जाऊ------अफसर की डाट ,बीबी की चाट --बच्चो की जिद ,माँ ,बाप, भाई, बहन ,अड़ोसी पडोसी, न भाई न एक अकली जान उस पर मेरा भारत महान-----

Thursday, August 26, 2010

खद्दरधारी ---भगवा आतंकवाद शुरु करना चाहते है ??????

खद्दरधारी ---भगवा आतंकवाद शुरु करना चाहते है अगर देश मैं वाकई भगवा आतंकवाद शुरु हो गया तो क्या होगा
अगर देश मैं वाकई भगवा आतंकवाद शुरु हो गया तो क्या होगा भारत देश का पता नहीं कितना nxalwad,islamic atank wad , और पता न्क्साल्वाद कौन कौन साईं वाद को झेल रहा है उस पर एक नेता इस तरह का बयां देकर बेकार मैं लोगो को इस और मोड़ना चाहता है खुद तो कुछ कर नहीं सकता ऊपर से ऐसा बयां देता है ,शर्म ही नहीं आती है -----खद्दरधारी ---भगवा आतंकवाद शुरु करना चाहते है ---

अगर देश मैं वाकई भगवा आतंकवाद शुरु हो गया तो क्या होगा

अगर देश मैं वाकई भगवा आतंकवाद शुरु हो गया तो क्या होगा भारत देश का पता नहीं कितना nxalwad,islamic atank wad , और पता न्क्साल्वाद कौन कौन साईं वाद को झेल रहा है उस पर एक नेता इस तरह का बयां देकर बेकार मैं लोगो को इस और मोड़ना चाहता है खुद तो कुछ कर नहीं सकता ऊपर से ऐसा बयां देता है ,शर्म ही नहीं आती है --------