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Sunday, September 19, 2010

आसिक और फकीर का एक ही हाल होता ही

आसिक और फकीर का एक ही हाल होता ही या तो मजा अमीरी मे या फिर मजा फकीरी में ,फहिर अपने मजे में अलमस्त रहता ही.आशिक हर हाल में अपनी महबूबा को पाना चाहते है,और फकीर भी हर हाल में अपने ईश्वर को पाना चाहते है ,तभी आशिक और फकीर का हाल एक ही होता है ,आशिक का हाल ---कपडा साफ़,जेबा साफ़ ,और दिल साफ़,केमोबस फकीर का भी हाल यही होता है ,दिल का हाल दोनों का एक ही होता है ,दोनों कुछ भी कर सकते है,बड़े बड़े राजा महाराजा की जागीर आशिकी में ख़तम हो गयी और वो एक तरह से फकीर हो गये,दोनों में एक जज्बा होता है जो की एक समान होता है ।