आज रविवार का दिन है छुट्टी का दिन है सुबह सुबह कुछ लोगो के ब्लॉग पर जाकर कुछ पढ़ा
कोई मंदिर पर ,कोई जाती पर बहुत ही बिशेष बल दे रहा है
मेरी समझ में एक बात नहीं आती है की क्या आपलोगों को जाती रोटी देते है
आप लोग कल से काम पर म़त जाओ फिर देखो की क्या आप की जाती के लऊगआप की रोजमर की जरुरत को पूरा करने में सक्षम है जवाब होगा --नहीं
जब जबाब नहीं में है तो फिर कियो जाती का हो हल्ला करते हो
रह गए मंदिर और मस्जिद की बात क्या मंदिर और मस्जिद आप को रोटी देते है ----जबाब होगा ---नहीं
तब फिर कियो कहते है की यह मेरा मंदिर है और यह मेरी मस्जिद है ---यह सब उनलोगों की करामत है जिनलोगो के पेट भरा है वोह लोग अपने मनोरंजन के लिया यह सब नाटक करवाते है
अपना पेट आप नै खुद ही भरना है ,एक बहुत बड़ी आबादी को इन सब से कोइए लेना देना नहीं है
बल्कि वोह सब लोग तो इन सब के नाम से जो हो हल्ला होता है उस से डरते है
जैसे जाट आन्दोलन करिओ नै दिल्ली में जम कार उत्पात मचाया
बेचारा रेहड़ी वाला उसका सामान लूट कार खा गए रेहड़ी पलट दी
यह पुछा था की वोह किस जाती का है वोह तो सदमे मेंआगया उसकी तो रोजी रोटी वोही थी
क्या जाट नेता लोगो नै उसकी रोजी रोटी का दुबारा इन्तिज़ाम क्या ---जबाब होगा ---नहीं
वोह बेचारा रेहड़ी वाला खुद ही दुबारा अपनी रोजी रोटी का इन्तिजाम करेजा
इसी लिया कहता हूँ की यह सब हम को आप को रोजी रोटी नहीं दे सकते ही ---केवल आप का सोसण कार सकता है इन सब से बचो और अपने आप को आगे ले कर तरक्की करो