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Wednesday, September 22, 2010

भूल गया सब कुछ याद नहीं अब कुछ

भूल गए सब कुछ याद नहीं अब कुछ बात य ही मामूली ,
कितना आसान है यह कहना की में तो भूल गया ,
आप के इतना भर कहना से पता नहीं सामने वाले पर क्या बीती यह शायद आप को नहीं मालूम ,
क्या आप कभी कुछ भूले है ,यात्रा का टिकेट ,टेलेफोन का बिल, बिजली का बिल, सब्जी का लाना ,बीबी का जनम दिन ,कभी न कभी तो हर आदमी कुछ न कुछ तो भूलता ही है ,भूलना आदमी की फितरत में शामिल है ,
कभी कभी लोग भुलाने का नाटक भी करते है की यार में तो भूल गया क्या आप के साथ कभी भूलने का इत्तफाक हुआ है अगर हुआ है ---------------------------------------