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Tuesday, March 13, 2012

संबंधो का हिसाब किताब

संबंधो का हिसाब किताब बात आप लोगो को कुछ अजीब सी लगी होगी की यह क्या कुछ नया चलन शुरू हो गया है भाई अपनी समझ से बाहर है एक सत्य बात है की आज कल लोग अपनों को तो संभाल नहीं पाते बाहर वालो को क्या संभाले गे ....मैं उसके यहाँ कई बार गया वो मेरे यहाँ एक बार नहीं आया ...नहीं आया तो नाही आया ..
.कुछ लोगो की आदत है कि कुछ ऐसा करो कि चर्चा मैं बने रहो

आज कल सम्बन्ध हर आदमी  नहीं बना सकता है बना लेता है तो निभा नहीं सकता है यह जीवन कि एक कड़वा  सच  है .  और आभासी  दुनिया के सम्बन्ध ......

जैसा कि कल राखी सावंत ने  संसद मैं अचानक पहुच कर किया ...

जय बाबा बनारस...