Friday, September 17, 2010

पुरस्कार ,पुरस्कार,पुरस्कार,पुरस्कार,पुरस्कार,

कार और पुरस्कार एक आम आदमी को कार और पुरस्कार की बड़ी तमन्ना रहती है ,एक आम आदमी ख्वाब सजाता है की मेरे पास एक कार हो ,मेरे को पुरस्कार मिले वोह कोई भी हो अब राहत बी को ही देख लो आब भी पुरस्कार की चाहत है जब की करीब करीब सारे ही पुरस्कार किसी न किसी बहाने उनको मिल चुके है ,कार की उनके पास लाइन लगी है फिर भी कुछ नई कार हो उसकी चाहत है ,एक छोटा बच्चा को भी पुरस्कार की चाहत रहती है ,क्या आप को भी पुरस्कार की चाहत है -------जीवन मैं
प्रगति के लिया पुरस्कारों का मिलना बहुत ही जरुरी है --------

17 comments:

  1. ji haan ..aapne sahi kahaa .. purskaar parotsahan aur tareef kaun nahi chahegaa.... apni tareef khud karenge to "apne muh miyaa mithoo kehlaayenge " aur Purushkaar- vahi kaam kartaa hai ..matlab saanp bhi marey aur lathi bhi naa toote.. naaa muh miya mithoo bane par logo ko muh se tareefe.......To main bhi chaungi aik purushkaar...dekhiye naa abhi Taslim vigyaan paheli me puruskar swaroop certificate / logo milaa to dil baag baag ho gaya...:))

    ReplyDelete
  2. puraskar main jadu hota hai.aap ko puraskar ki badhai .

    ReplyDelete
  3. अपनी खाव्हिशों
    अपने सपनो
    अपनी आकांक्षाओ
    को मत तोलो इन पुरुस्कारों में

    पुरस्कार ...........
    किस लिए और क्यों

    हाँ, कोई खेल स्पर्धा या फिर कोई अन्य स्पर्धा हो तो कुछ नहीं कहा जा सकता......
    पर जहाँ हम काम करते हैं - और उस काम के दाम लेते हैं .......
    उसके अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार का पुरस्कार शोभा नहीं देता..

    ReplyDelete
  4. ek majdoor ki majdoori bhee uska puraskar hai

    ReplyDelete
  5. क्या बात कर दी आपने,
    यानि कोई रिक्शा चालक आपको गंतव्य स्थान पर पहुंचायेगा.. और बदले में आप उसको जो मजदूरी देंगे...... वो पुरस्कार कहलाएगी ??????
    नहीं
    वो उसकी मजदूरी होगी....... उसका हक.
    हाँ उसने १० रुपे मांगे. आपने १२ रुपे दिए ........
    तो ये भी पुरस्कार नहीं होगा..
    ये बक्शीश होगी..

    ReplyDelete
  6. bhai puraskar kiya hai aap bataie

    ReplyDelete
  7. जे तो हमें भी नहीं मालूम

    ReplyDelete
  8. मनोज जी क्या आप बता सकते हैं - इसमें क्या अच्छी प्रस्तुति है. और किस बात कि हार्दिक शुभकामनाएँ दे रहे हैं. ?
    क्या कौशल जी को कोई पुरस्कार मिला है - जिसकी सूचना आपको उन्होंने फोन पर दी है...........

    आपका इन्तेज़ार रहेगा.

    ReplyDelete
  9. प्रगति के लिया पुरस्कारों का मिलना बहुत ही जरुरी है --

    सही कहा!

    ReplyDelete
  10. हाँ.... सही कहा आपने आजकल पुरस्कारों का कुछ
    ज्यादा ही महत्व हो चला है....अच्छी पोस्ट

    ReplyDelete
  11. मैं पहले भी कह चुका हूं इस तरह की कालजयी पोस्ट देते रहने की वजह से ब्लॉग जगत में आपका बहुत ऊंचा मकाम रिज़र्व है...

    और फिर तो पुरस्कार ही पुरस्कार, पुरस्कार ही पुरस्कार...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  12. बढिया है, साहेब,
    समीर दादा : "प्रगति के लिया पुरस्कारों का मिलना बहुत ही जरुरी है"



    अब हम भी पुरस्कार की महिमा समझ गए हैं.

    ReplyDelete
  13. -------जीवन मैं प्रगति के लिया पुरस्कारों का मिलना बहुत ही जरुरी है --------बहुत अच्छी प्रस्तुति।

    ReplyDelete
  14. yeh blogger ka puraskar hai ?????????????????????????

    ReplyDelete
  15. बहुत अच्छी प्रस्तुती ....

    हम भी मानते है पुरस्कार तो मिलना ही चाहिए...

    ReplyDelete