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Friday, January 6, 2012

एक पागल का कारनामा ....


एक पागल का कारनामा ....
 
एक पागल आदमी कुएं के अन्दर झांककर चिल्लाता रहता है, ”पच्चीस ….. पच्चीस ….पच्चीस …. एक सज्जन उसे बहुत समय तक देखता रहता है। उसे पागल व्यक्ति के ”पच्चीस….. पच्चीस कुछ समझ में नहीं आ रहे थे।
वो उस व्यक्ति के पास जाता है। उसने पूछा, ”भाई ये कुएं में झांककर पच्चीस-पच्चीस क्या चिल्ला रहे हो ? 
पागल उसे बोलता है, ”आप यहाँ आकर कुए में देखो तो आपको पता लग जाएगा।
सज्जन पास आता है और कुए में झांकते हुए झुक जाता है।
पागल झट से उसको पीछे से लात मारकर कुए में ढकेल देता है। बाद में चिल्लाने लगता है, ”छब्बीस …… छब्बीस ……. छब्बीस …..

जय बाबा बनारस.....