Thursday, September 16, 2010

हम सब मिल कर दुनिया बदल सकते है

हम सब मिल कर दुनिया को बदल सकते है ,दुनिया को बदलने से पहेले अपने आप को बदलना होगा ,अगर हम अपने आप को बदल ला तो दुनिया अपने आप ही बदल जायगी ,आज हर आदमी सरकार से कुछ न कुछ चाहते है सरकार से चाहत रखता है ,गन्दगी आप करे और सरकार से सफाई की उम्मीद करते है ,जनसंख्या आप बढ़ाते है उम्मीद सरकार से रखेते है सब कुछ सरकार ख्याल करे, आखिर सरकार से आप जरुरत से ज्यादा उम्मीद कियु रखेते है ,आप मकान बनाते है ,लाखो ,करोरो रुपिया उसमे लगाते है लकिन दरवाजे के सामने थोडा सा काम नहीं करा सकता है पानी भरता है गन्दगी होती है और आप सरकार को कुछ न कुछ कहते रहेते है आखिर कियु----पानी पीकर बोटेल आप सड़क पर डाल देते है पोल्य्ठेने मैं कचरा आप डाल ते है गन्दगी कुण करता है हम और आप सफाई का ध्यान कौन रखेजा गा हम और आप कोशिश करो की हम गन्दगी न करे जब गन्दगी नहीं होगी तो आप को अपने आप ही सफाई नज़र आयगी ---- हम और आप साफ रहे

1 comment:

  1. @ दुनिया को बदलने से पहेले अपने आप को बदलना होगा
    हर अच्छे बदलाव की शुरुआत खुद से करनी चाहिए।

    बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!

    अलाउद्दीन के शासनकाल में सस्‍ता भारत-१, राजभाषा हिन्दी पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें

    अभिलाषा की तीव्रता एक समीक्षा आचार्य परशुराम राय, द्वारा “मनोज” पर, पढिए!

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